दिल्ली में ENT डॉक्टर (कान, नाक और गला विशेषज्ञ) कान, नाक और गले से जुड़ी बीमारियों का इलाज करते हैं। इन्हें ओटोलैरिंगोलॉजिस्ट भी कहा जाता है। आज के समय में प्रदूषण, एलर्जी, संक्रमण और बदलती जीवनशैली के कारण ENT संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में एक अनुभवी ENT डॉक्टर से समय पर परामर्श लेना बेहद जरूरी हो जाता है।
दिल्ली जैसे महानगर में धूल, धुआं, स्मॉग और मौसम में बदलाव के कारण साइनस, एलर्जी, गले में खराश और कान के संक्रमण जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। सही समय पर इलाज कराने से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
कान से जुड़ी समस्याएं
ENT डॉक्टर कान से संबंधित कई समस्याओं का उपचार करते हैं, जैसे:
1. कान का संक्रमण
कान में दर्द, पस आना, सुनाई कम देना या बुखार जैसे लक्षण कान के संक्रमण के संकेत हो सकते हैं। बच्चों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है।
2. सुनने की कमी
बढ़ती उम्र, तेज आवाज, संक्रमण या नसों की कमजोरी के कारण सुनने की क्षमता कम हो सकती है। ENT डॉक्टर हियरिंग टेस्ट (ऑडियोमेट्री) के माध्यम से जांच कर सही उपचार बताते हैं।
3. टिनिटस (कान में आवाज आना)
यदि कान में सीटी या भनभनाहट की आवाज सुनाई देती है, तो यह टिनिटस हो सकता है। इसका सही कारण जानने के लिए विशेषज्ञ जांच आवश्यक है।
4. चक्कर आना (वर्टिगो)
अचानक चक्कर आना या संतुलन बिगड़ना अक्सर अंदरूनी कान की समस्या से जुड़ा होता है। इसका इलाज ENT विशेषज्ञ द्वारा किया जाता है।
नाक और साइनस की समस्याएं
दिल्ली में प्रदूषण के कारण नाक और साइनस की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं।
साइनसाइटिस
साइनस में सूजन होने पर सिर दर्द, चेहरे में भारीपन, नाक बंद रहना और गाढ़ा स्राव हो सकता है। लंबे समय तक रहने पर एंडोस्कोपिक साइनस सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।
एलर्जिक राइनाइटिस
बार-बार छींक आना, नाक बहना, आंखों में पानी आना और नाक बंद रहना एलर्जी के लक्षण हैं। सही दवाइयों और सावधानियों से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
नाक की हड्डी टेढ़ी होना (DNS)
यदि नाक की अंदरूनी हड्डी टेढ़ी हो, तो सांस लेने में दिक्कत और बार-बार संक्रमण हो सकता है। जरूरत पड़ने पर सर्जरी की जाती है।
नाक में पॉलिप्स
नाक के अंदर मांस के छोटे-छोटे उभार सांस लेने में रुकावट पैदा कर सकते हैं। दवा या सर्जरी से इसका इलाज संभव है।
गले से जुड़ी समस्याएं
गले की समस्याएं बोलने, खाने और सांस लेने में परेशानी पैदा कर सकती हैं।
- टॉन्सिलाइटिस
- बार-बार गले में दर्द
- आवाज बैठना
- निगलने में कठिनाई
- एडिनॉइड की समस्या
- लैरिंजाइटिस
जो लोग अधिक बोलते हैं, जैसे शिक्षक या गायक, उन्हें आवाज संबंधी समस्याओं के लिए ENT डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
बच्चों के लिए ENT देखभाल
बच्चों में कान का संक्रमण, टॉन्सिल बढ़ना और एडिनॉइड की समस्या आम होती है। यदि बच्चा बार-बार बीमार पड़ता है, मुंह से सांस लेता है या तेज खर्राटे लेता है, तो ENT विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए। समय पर इलाज से बच्चे के सुनने और बोलने की क्षमता सुरक्षित रहती है।
कब दिखाएं ENT डॉक्टर को?
यदि निम्न लक्षण दिखाई दें तो तुरंत ENT डॉक्टर से मिलें:
- लगातार कान दर्द
- सुनने में कमी
- लंबे समय तक नाक बंद रहना
- बार-बार नकसीर आना
- पुराना साइनस दर्द
- गले में एक सप्ताह से अधिक दर्द
- निगलने में परेशानी
- बार-बार चक्कर आना
इन लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
आधुनिक उपचार सुविधाएं
दिल्ली में कई अस्पताल और क्लीनिक आधुनिक उपकरणों से लैस हैं। यहां उपलब्ध कुछ उन्नत उपचार हैं:
- नाक की एंडोस्कोपी
- माइक्रोस्कोपिक ईयर सर्जरी
- एंडोस्कोपिक साइनस सर्जरी
- टॉन्सिल ऑपरेशन
- सेप्टोप्लास्टी
- थायरॉइड सर्जरी
ये प्रक्रियाएं सुरक्षित और कम दर्द वाली होती हैं, जिससे मरीज जल्दी ठीक हो जाता है।
सही ENT डॉक्टर कैसे चुनें?
एक अच्छे ENT डॉक्टर का चयन करते समय निम्न बातों का ध्यान रखें:
- डॉक्टर की योग्यता और अनुभव
- मरीजों की सकारात्मक प्रतिक्रिया
- आधुनिक जांच सुविधाएं
- स्पष्ट और समझाने की क्षमता
- व्यक्तिगत देखभाल
एक अनुभवी डॉक्टर आपकी समस्या को ध्यान से सुनकर सही इलाज की सलाह देता है।
निष्कर्ष
ENT Doctor in Delhi कान, नाक और गले से जुड़ी सभी समस्याओं का प्रभावी इलाज प्रदान करते हैं। बढ़ते प्रदूषण और बदलती जीवनशैली के कारण ENT रोगों की संख्या बढ़ रही है। इसलिए लक्षणों को अनदेखा न करें और समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लें।
